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Showing posts from December, 2018

लोग सरकारी नौकरी के पीछे क्यों भागते हैं जबकि चाय वाला भी सरकारी अफसर से ज्यादा कमाता है ?

लोग सरकारी नौकरी के पीछे क्यों भागते हैं जबकि चाय वाला भी सरकारी अफसर से ज्यादा कमाता है ? 
राजेंद्र अग्निहोत्री (Rajendra Agnihotri), भारतीय रेल में काम किया था (1975-2015)


सरकारी नौकरी के पीछे भागने का सही कारण बताऊँगा, क्योकि मैंने सरकारी नौकरी की है और अब रिटायर भी हो चुका हूँ, तो नग्न सत्य भी मर्यादा में रह कर लिखूँगा तो मेरे पे कोई एक्शन नहीं होने वाला। यहाँ यह बता देना उपयुक्त होगा कि मुझे जो नौकरी मिली थी वो मेरी काबिलियत के हिसाब से नहीं थी तो मेरे अन्दर एक फ्रस्ट्रेशन था जो मैं अपने अधिकारियों से लड़ भिड़ कर बाहर निकालता था। मेरे अन्दर हमेशा ये चलता था कि मैं अपने अधिकारियों से सुपीरियर हूँ। कोई मुझे आर्डर दे यह मुझे गवारा नहीं था। किसी अधिकारी ने Authoritative way में मुझे आर्डर दिया तो मेरे अन्दर का शैतान जाग जाता था। फिर वो काम मैं नहीं करता था। हाँ प्यार से चाहे कोई मेरा गला काट ले तो वो मुझे मंजूर था। इससे आप क्या, मैं भी ये निष्कर्ष निकालता हूँ कि मैं एक मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति था जिसने अपनी साढ़े उंतालीस (39.5 years) साल की रेलवे की सरकारी नौकरी सफलतापूर्वक कर ली। यहाँ …

लोगो कॉन्टेस्ट में विजेता को मिलेंगे ~51 हजार

Logo कॉन्टेस्ट में विजेता को मिलेंगे ~51 हजार

जल संरक्षण के महत्व को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार एक
लोगो प्रतियोगिता का आयोजन कर रही है। इस प्रतियोगिता का
उद्देश्य लोगों के बीच इस विषय को लेकर जागरूकता फैलाना
है। इसके तहत भारत सरकार के वाटर रिसोर्सेज, रिवर
डेवलपमेंट और गंगा रीजुविनेशन डिपार्टमेंट संयुक्त रूप से जल संरक्षण
विषय पर लोगो कॉन्टेस्ट का आयोजन कर रहे हैं। प्रतियोगिता में एक विजेता
को 51 हजार रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। कॉन्टेस्ट के लिए
एप्लीकेशन जमा कराने की अंतिम तिथि 5 जनवरी, 2019 है। कॉन्टेस्ट की
अधिक जानकारी के लिए नीचेदिए गए वेबसाइट लिंक पर विजिट करें।
www.mygov.in/task/logo-contest-water-conservation/

साल नया है लेकिन क्या मन भी नया है? ( कैसे करेंगे नए साल का स्वागत? वही रंगारंग पार्टियां, नाचना, मुबारकबाद देना। यह पुराने का लक्षण है। मन को नया करने का उपाय इन रीतियों में नहीं है, वह तो ओशो जैसे मनीषियों की प्रज्ञा में हैं।)

साल नया है लेकिन क्या मन भी नया है?( 2019) 

 ( कैसे करेंगे नए साल का स्वागत? वही रंगारंग पार्टियां, नाचना, मुबारकबाद देना। यह पुराने का लक्षण है। मन को नया करने का उपाय इन रीतियों में नहीं है, वह तो ओशो जैसे मनीषियों की प्रज्ञा में हैं।)

कुछ ओशो सूत्र बहुत कीमती हैं, न केवल साल के पहले दिन बल्कि पूरे साल भर। सबसे पहले, मन यानी पुराने का भंडार। अत: मन को रोजरोज नया करना सीखें। मन के अंदर जो कूड़ा भरा पड़ा है पुरानी स्मृतियों का, पुराने विचारों और अनुभवों का, उसे खाली करना जरूरी है। इसके नीचे दबे-दबे आप नया सूरज देख ही नहीं पाते। यदि आपको निर्मल आंखों से देखना हो तो बच्चों की तरह देखें यानी शब्दों को बीच में न लाएं। जैसे गुलाब के फूल को देखेंे तो न अच्छा कहें, न बुरा, न अन्य गुलाबों के साथ उसकी तुलना करें।


सिर्फ देखें, हृदयपूर्वक। यह देखना आंखों को शुद्ध कर देगा। दूसरा, प्रतिक्षण वर्तमान में जिएं। किसी व्यक्ति को देखें, वह जाना पहचाना हो तो पुरानी यादें, पुराने अनुभव बीच में न लाएं। वह आज इस पल जैसा है वैसा ही उसे देखें। आपको एक नया व्यक्ति दिखाई देगा। किसी में नयापन देखने के लिए आपको नया…

नए साल में खुद से रोज पूछिए ये पांच सवाल

नए साल में खुद से रोज पूछिए ये पांच सवाल
साल के 365 दिनों खुद को प्रेरित करते रहना जरूरी है। आने वाले साल में इस बार उत्साह बनाए रखने, प्रेरित बने रहने के लिए न्यू ईयर रेजॉल्यूशन से एक कदम आगे बढ़िए। इस साल खुद से पांच सवाल कीजिए, जो आपको आगे बढ़ने में और सफलता पाने में मददगार साबित होंगे।



1) मेरी अनोखी क्षमता क्या है?
 हर रोज स्वयं से पूछिए, ‘मैं ऐसा क्या कर सकता हूं जो कोई और नहीं कर सकता?’ यह जरूरी नहीं है कि आप क्या करते हैं, यही बात आपको अनोखा बनाए। इससे भी ज्यादा जरूरी है कि आप उस काम को कैसे करते हैं और क्यों करते हैं।
      जैसे कई कंपनियां कम्प्यूटर्स बनाती हैं लेकिन एपल अपनी रचनात्मकता के लिए जानी जाती है। अपनी अनोखी क्षमता को पहचानना मेहनतभरा काम है। इसीलिए रोज इसे खोजना जरूरी है। आपकी अनोखी क्षमता आपकी इकलौती ताकत नहीं है। यह आपकी सभी ताकतों का जोड़ है।
2) क्या मैं आगे बढ़ रहा हूं?

सबकुछ आपके विकास से जुड़ा है। आप कल क्या थे यह मायने नहीं रखता। सिर्फ यह मायने रखता है कि क्या आप अभी जीवन में आगे बढ़ रहे हैं। इस साल खुद से लगातार पूछते रहें कि क्या आप बीते हुए कल से बेहतर स्थिति में…

2018 में सबसे ज्यादा लिए गए ये 10 संकलप

2018 में सबसे ज्यादा लिए गए ये 10 संकलप


जीवन से जुड़ी ये प्रेरक कहानियां पढ़कर कीजिए 2019 की शुरुआत

जीवन से जुड़ी ये प्रेरक कहानियां पढ़कर कीजिए 2019 की शुरुआत

वास्तविकता जाने बिना न उठाएं सवाल
ट्रेन में सफर कर रहा एक 24 साल का लड़का खिड़की से बाहर देखकर जोर से चिल्लाया- पिताजी, जरा देखिए... पेड़ कैसे तेजी से पीछे होते जा रहे हैं। पिता मु्स्कुरा दिए। उनके सामने बैठे एक जवान शादीशुदा जोड़े को लड़के पर तरस भी आया।  अचानक लड़का फिर बोला- पिताजी देखिए तो जरा बादल कैसे हमारे साथ-साथ चलते जा रहे हैं। इस बार सामने बैठा जोड़ा खुद को रोक नहीं पाया और लड़के के पिता से बोला - आप इसे किसी अच्छेडॉक्टर को क्यों नहीं दिखाते? लड़के के पिता मुस्कुराए और बोले- डॉक्टर को दिखा दिया है। दरअसल हम अभी अस्पताल से ही आ रहे हैं। मेरा बेटा जन्म से ही अंधा था। उसे आज ही आंखें मिली हैं। 
सीख- हर इंसान के पीछे एक कहानी छिपी है। किसी को बिना जाने कभी नहीं आंकना चाहिए। सच आपको चौंका सकता है।
धारणा की बेड़ियां आगे बढ़ने से रोकती हैं
कुछ हाथियों को देखकर राह चलता आदमी ठहर गया। उसने देखा कि इतने ताकतवर जानवर के आगे वाले पैरों में केवल एक पतली-सी रस्सी बंधी है। हाथी जब चाहें तब किसी भी समय इस कमजोर रस्सी को तोड़कर भाग सकते हैं। लेकिन …

जर्मनी में मुस्लिमों पर मस्जिद टैक्स का मामला टॉप ट्रेंड में.

जर्मनी में मुस्लिमों पर मस्जिद टैक्स का मामला टॉप ट्रेंड में
62,164 ट्रेंडिग प्वाइंट्स और 88% अपवोट्स के साथ यह पोस्ट टॉप ट्रेंड्स में दूसरे नंबर पर है। इस पर महज 24 घंटे में सबसे ज्यादा 4,607 कमेंट्स भी किए गए हैं।

जर्मनी में मुसलमानों पर मस्जिद टैक्स लगाने की तैयारी की जा रही है। जर्मनी में चर्च टैक्स लिया जाता है, उसी तरह मस्जिद टैक्स लेने की बात हो रही है। सरकार और प्रगतिशील मुस्लिम नेताओं ने इसका समर्थन किया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से मस्जिदें विदेशी मदद पर निर्भर नहीं रहेंगी। सत्ताधारी महागठबंधन के सांसदों ने कहा है कि ठीक वैसे ही है, जैसे ईसाई चर्च टैक्स देते हैं।

                    चांसलर अंगेला मर्केल की सीडीयू पार्टी के सांसद थोर्स्टन फ्राई ने जर्मन अखबार ‘डी वेल्ट’ को बताया कि मस्जिद टैक्स अहम कदम है जिससे जर्मनी में इस्लाम बाहरी देशों से मुक्त हो जाएगा। जर्मनी में कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट ईसाईयों से टैक्स लिया जाता है जिससे चर्च की गतिविधियों के लिए जरूरी रकम मुहैया कराई जाती है। यह टैक्स सरकार जमा करती है जिसे बाद में धार्मिक अधिकारियों को सौंप दिया जाता है। मस्जि…

350 रुपए की शर्त लगाकर जीत लिए 7 करोड़ रुपए /

अमेरिका के न्यू जर्सी में रहने वाले हैरॉल्ड एम को क्रिसमस के दिन एक ऐसा तोहफा मिला जिसकी उन्होंने उम्मीद भी नहीं की थी। दरअसल, लेकवुड इलाके में रहने वाले करीब 70 साल के हैरॉल्ड क्रिसमस से पहले शॉपिंग के लिए गए थे। इस दौरान वो बोर्गोटा होटल, स्पा और कैसिनो में चले गए।


हैरॉल्ड पहली बार उस जगह गए थे। इस दौरान उन्होंने रेस्तरां से नाश्ता ऑर्डर किया और वहां होने वाले कार्यक्रमों को देखने लगे। इसी दौरान उन्होंने पोकर में हाथ आज़माने का फ़ैसला किया। खास बात यह है कि हैरॉल्ड पहली बार पोकर की शर्त लगा रहे थे। सीबीएस फिलाडेल्फिया के मुताबिक हैरॉल्ड के पोकर खेलने के दौरान वह चमत्कार हुआ जिसकी कल्पना वहां किसी ने भी नहीं की थी।


 हैरॉल्ड ने 7 करोड़ रुपए की शर्त जीत ली थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इसके लिए उन्हें महज़ 5 डॉलर यानी करीब 350 रुपए ही खर्च करने पड़े। बोर्गोटा होटल कैसिनो और स्पा के 15 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था कि किसी ने मामूली रकम लगाकर इतना बड़ा ईनाम जीता हो। बाद में कैसिनो ने ट्वीट कर हैरॉल्ड के जीतने की जानकारी शेयर की।


इसमें उन्होंने थ्री कार्ड पोकर का 6 कार्ड बोनस मे…

5 बातें पढ़कर व समझकर आपको अच्छा जरूर लगेगा ⇛

5 बातें  पढ़कर व समझकर आपको अच्छा जरूर लगेगा ⇛
नम आँखे बहुत दर्द समेटे रखती हैं ।जब आप अपने जूनून के दम पर कुछ कर दिखाते है वो भी तमाम मुश्किलों के बावजूद ।असफलता केवल यह सिद्ध करती हैं कि सफलता का प्रयत्न पूरे मन से नहीं हुआ ।प्रत्येक चीज अपने आप में सर्वश्रेष्ठ हैं बस तराशने की जरूरत होती हैं। सबका ख्याल रख लेते हैं पर खुद के साथ सुकुन की मुलाकात करने में वक्त लगा देते हैं ।

Company Start-up / 10 में 9 Start-up असफल हो जाते है

ऐसी कौन सी चीजें/बातें है जो हम भारतीयों को ख़ुशी देती है?

ऐसी कौन सी चीजें/बातें है जो हम भारतीयों को ख़ुशी देती है ? 


इकलौता दामाद।इकलौती बहू।सरकारी नौकरी।मम्मी के हाथ का दाल-चावल।मम्मी-पापा की सहमति से {शादी (लव मैरिज)} होना।अवकाश (Holiday)।अलार्म काटने के बाद 5 मिनट की नींद ।चाय।पहली तनख्वाह (Salary)।गोआ की यात्रा (Trip)।मुफ्त Wi-Fi हॉटस्पॉट।पानीपूरी के बाद अंत में 2 सूखी पापड़ी।किसी कार्यक्रम में सम्मिलित होने के पहले मुहांसे (Pimples) न आना।पाकिस्तान और भारत का रोमांचक क्रिकेट मैच, जिसमें भारत की जीत हो।500 का सामान 300 में ले आना।दादी मां के साथ सेल्फी।पुराना पारिवारिक फोटो अल्बम देखना।बेटे/बेटी का मुंह न चलाना।जनरल कोच में लेटने की सीट मिल जाना।रोते बच्चे को चुप करा लेना।किताब के बीच पुरानी यादगार चीज़/पैसे मिल जाना।स्कूल के अच्छे दोस्त का अचानक फोन आ जाना।ट्रैफिक पुलिस का मौजूद न होना।ज्ञान के पिटारे में आपका जवाब भेजा जाना।गूगल पे पर इनाम राशि जीतना।ठंड में अंगीठी।गर्मियों में कूलर।बारिश में तीखे गरमा-गरम पकौड़े।जब कोई कहे कि,“आज आप बहुत अच्छे लग रहें हैं/लग रहीं हैं”।जब कोई कहे कि, “चिल, जो होगा देख लेंगे”।

अगर आप अपने बिजनेस के लिए सही लोगों को चुनते हैं और उन्हें अपने पंख फैलाने का मौका देते हैं, साथ ही उन्हें काम के लिए पुरस्कार भी देते हैं तो आपको उन्हें मैनेज नहीं करना पड़ेगा। -जैक वेल्च, अमेरिकी आंत्रप्रेन्योर

अगर आप अपने बिजनेस के लिए सही लोगों को चुनते हैं और उन्हें अपने पंख फैलाने का मौका देते हैं, साथ ही उन्हें काम के लिए पुरस्कार भी देते हैं तो आपको उन्हें मैनेज नहीं करना पड़ेगा। -जैक वेल्च, अमेरिकी आंत्रप्रेन्योर

What is ESBI ? # For DBA fashion Consultants# Asort# must watch

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कैसे बनाई Mark Zuckerberg ने Facebook? (Biography in Hindi)

कैसे बनाई Mark Zuckerberg ने Facebook? (Biography in Hindi)

इस पोस्ट में Mark Zuckerberg की biography को Hindi में बहुत बहतरीन तरीके से बताया गया है, मुझे उम्मीद है यह यह पोस्ट आपको बहुत पसंद आएगी।
Social Networking site, Facebook के CO-founder और CEO Mark Zuckerberg आज दुनिया के सबसे बड़े youngest billionaires में से एक है।
शुरुआत Mark zuckerberg ने social networking facebook को अपने कॉलेज हॉस्टल के कमरे में ही बनाई थी। जैसे ही facebook पर 250 Millions से ज्यादा users बढ़ने शुरू हुए तबसे Mark zuckerberg billionaire बन गये। और इसके साथ ही एक फिल्म “The Social Network” के नाम से Facebook की biography पर बन गई। और आज facebook दुनिया की सबसे ज्यादा उपयोग की जाने वाली social networking साईट है। https://youtu.be/Dgx5a3sK7ko
Mark Zuckerberg का जन्म white plains, New York में 14 मई 1984 को हुआ था। मार्क के पिता Edward Zuckerberg, एक दंत चिकित्सक है और मां, Karen Zuckerberg, एक मनोचिकित्सक है। प्राथमिक स्कूल में ही Mark का programming में बहुत रूचि रही है। जब Mark लगभग 12 वर्ष एक थे तब उन्होंने …

The habit of always learning/सदा सीखने वालों की आदत

सदा सीखने वालों की आदत  1) कोई काम पढ़कर सीखने के बजाय काम करके सीखते हैं।
2) कुछ सीखकर बच्चों को भी सिखा सकते हैं।3) कल्पना करने की क्षमता। सोचने से ज़्यादा कार्य करने     में  विश्वास रखना।
4) ‘मुझे नहीं पता' कहने से न डरना।
5) सबकुछ एक बार में करने के बजाय सबसे ज़रूरी काम

Trust your struggle | Zain Asher | TEDxEuston

The Benefits of Rejection | Magna Gopal | TEDxJerseyCity

Decide in 10 Minutes Your Preferences ( 10 मिनट में तय करें अपनी प्राथमिकताए)

10 मिनट में तय करें अपनी प्राथमिकताए
किसी भी प्लानिंग के लिए निकालें 10-15 मिनट
कॉस्ट और बेनेफिट को बनाएं जरूरी आधार डेडलाइन को ध्यान में रखें





                                              किसी भी तरह के काम को करने के लिए हमें प्राथमिकताएं तय करने की जरूरत होती है। ऐसा इसलिए कि हमें एक दिन में बहुत से काम करने होते हैं और डेडलाइन्स के साथ लगातार संघर्ष बना रहता है। काम को प्रायोरटाइज करने की चुनौती लीडर्स और मैनेजर्सके सामने भी बनी रहती है। सक्सेसफुल होने में इस बात का बहुत रोल होता है कि आप  अपने कार्यों को किस तरह से मैनेज करते हैं। कम समय में ज्यादा टार्गेट्स पूरे नहीं कर पाने की वजह से कई बार ऐसा होता है कि आप परेशान हाेने लगते हैं और आपकी प्रॉडक्टिविटी भी घट जाती है। ऐसे में कुछ तरीके अपनाकर आप कम समय में ही अपनी क्षमता और रिजल्ट्स को कई गुना बढ़ा सकते हैं। जैसे →
किसी भी प्लानिंग के लिए निकालें 10-15 मिनट अगर आप अपने आप में प्रॉडक्टिविटी की समस्या से जूझ रहे हैं तो आपके लिए यह सबसे जरूरी है कि आप कोई भी काम करने से पहले प्लान बनाएं। प्लानिंग में अधिक समय लगाने की जगह खुद को प्लानिंग…

कुछ उदाहरण जो बताते हैं एडवर्टाइजिंग भी प्रॉडक्ट को सफल या असफल बना सकती है

एडवर्टाइजिंग और मार्केटिंग के क्षेत्र में आज सबसे ज्यादा कॉम्पिटीशन है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि ये मार्केट और कंज्यूमर के बीच आपके प्रॉडक्ट की एक अलग पहचान बनाने और ग्राहकों को आकर्षित करने में बड़ा रोल निभाते हैं। कंपनियां अपने प्रॉडक्ट काे ब्रांड नेम बनाने के लिए मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग स्ट्रैटजीज तैयार करती है और इन्हें टीवी, मोबाइल, मेल और होर्डिंग्स के जरिए लोगों तक पहुंचाती हैं। इनमें से कई विज्ञापन इतने कैची होते हैं कि आप उसे कई दिनों तक भूल नहीं पाते और वे आपके अंदर प्रॉडक्ट को लेकर उत्सुकता पैदा कर देते हैं। ऐसे एक नहीं, बल्कि कई उदाहरण हैं जो यह साबित करते हैं कि किसी भी प्रॉडक्ट की सफलता और असफलता काफी हद तक एडवर्टाइजिंग और मार्केटिंग पर ही निर्भर करती है। कई नामी कंपनियों के प्रॉडक्ट्स की मार्केटिंग से जुड़े ऐसे ही कुछ रोचक उदाहरणों से आप विज्ञापनों के महत्व को बेहतर रूप से समझ पाएंगे।  



कुछ उदाहरण जो बताते हैं एडवर्टाइजिंग भी प्रॉडक्ट को सफल या असफल बना सकती है →



सफल मार्केटिंग के दम पर इन्होंने हासिल किया मुकाम →
वोडाफाेन को मार्केटिंग कैंपेन से मिली पॉपुलैरिटी  भार…

Social media can give a better direction to careers/ कॅरिअर को बेहतर दिशा दे सकता है सोशल मीडिया

Social media can give a better direction to careers कॅरिअर को बेहतर दिशा दे सकता है सोशल मीडिया

सोशल मीडिया का इस्तेमाल आमतौर पर हम एंटरटेनमेंट के लिए करते हैं। साथ ही अब इन प्लेटफॉर्म्स को आमदनी का जरिया भी बनाया जा रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक स्टूडेंट के तौर पर सोशल मीडिया आपके कॅरिअर को कई तरह से बेहतर बनाने में भी मददगार साबित हो सकता है। सोशल मीडिया पर आपके प्रोफेशनल नेटवर्क और रिलेशनशिप्स, आपको विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी लोगों से मिलने और कॅरिअर अपॉर्च्यूनिटीज के अवसर प्रदान करते हैं। चाहे कोई महत्वपूर्ण इंटर्नशिप हो या फिर कोई प्रतिष्ठित जॉब ऑफर, आपका प्रोफेशनल नेटवर्क, आपको स्कूल या कॉलेज की सीमाओं से बाहर निकलकर एक वाइड नेटवर्क से जुड़ने में मदद करता है। वास्तव में सोशल मीडिया आपको एक स्टूडेंट के रूप में स्थापित करने से लेकर आपकी प्रोफेशनल स्किल्स को सामने लाने तक में आपकी मदद करता है।


प्रोफेशनल नेटवर्क से रहें अपडेट 
प्रोफेशनल नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन आपके लिए सोशल मीडिया पर आपका फर्स्टस्टॉप बन सकती है। यह प्लेटफॉर्म आपको अपने दोस्तों के साथ-साथ इंडस्ट्री स्पेसिफिक …

52 Easy Yet Highly Effective Ways to Motivate Yourself

52 Easy Yet Highly Effective Ways to Motivate Yourself

1 Close your eyes, and visualize yourself reaching your goals. 2. Try something new today. 3 Take a walk in a park, and let nature reset your mind. 4 Make a to-do list. 5 Get more sleep. 6 Drink coffee for a quick jolt. 7 Start exercising, and you'll feel like yourself. 8 Take a small step. You don't have to immediately immerse yourself in the project and see it until completion right away. Just make baby steps, and take it one day at a time. 9 Wake yourself up from your slump with a cold shower. 10 Have a reward system, so you'll have something to look forward to. 11 When doing a task you don't want to do, play energizing music to help you get through it. 12 Get the hard stuff done first thing in the morning. 13 Prepare early so you're not in a rush. 14 Push yourself. 15 Grow your willpower. .16 Make motivating yourself into a habit. 17 Set a deadline for a task to spur you to get it done before the time is up. 18 Focus. 19 Get a…

पसंद का काम हमेशा मोटिवेट करता है - नेहा कक्कड़

पसंद का काम हमेशा मोटिवेट करता है - नेहा कक्कड़

आसान कहानियां सबसे अच्छी कहानियां नहीं होतीं, जीवन में कैसी भी परिस्थिति आएं, उसका सामना खुशी से करना चाहिए। कुछ ऐसी ही सोच रखने वाली प्लेबैक सिंगर नेहा कक्कड़ अपनी कहानी साझा करते हुए कहती हैं कि एक समय था जब मेरे पिता मेरे स्कूल के सामने समोसे बेचते थे और वे चाहते थे कि मैं भी उनकी मदद करूं।

                               रोजमर्रा का खर्च चलाना उनके लिए किसी संघर्ष से कम नहीं था। हम तीन भाई-बहनों की पढ़ाई के लिए भी पैसे नहीं थे। संगीत में हम तीनों की दिलचस्पी के चलते हमने जागरण में गाना शुरू किया ताकि हम अपने स्कूल की फीस भर सकें। अपने पुराने दिनों के अनुभवाें से मैंने यही सीखा है कि काम छोटा हो या बड़ा हमें कुछ न कुछ सिखाकर ही जाता है। आज हम सब जब उन सब स्थितियों काे याद करते हैं तो हमें लगता है कि उस समय ने ही हमें हमारे जीवन की अहमियत सिखाई है।

Reality show ने पूरी तरह बदल दिया जीवन

स्कूल में ग्यारहवीं क्लास की पढ़ाई के दौरान मुझे सिंगिंग रिएलिटी शो इंडियन आइडल में हिस्सा लेने का मौका मिला। वहां से मेरी लाइफ बिल्कुल ही बदल गई। लोगों को मेरी…