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अपने आप को पहचानो , कहना बड़ा असान होता है , पर अपने आप को पहचानना , बहुत दुखदायी होता है , इस कारण इंसान सारा जीवन अपने आप से छिपता-भागता रहता है

अपने आप को पहचानो , कहना बड़ा असान होता है , पर अपने आप को पहचानना , बहुत दुखदायी होता है , इस कारण इंसान सारा जीवन अपने आप से छिपता-भागता रहता है

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आपके बाद क्या कहा जाएगा..

सोचिए कि आप इस दुनिया में नहीं रहे और आज आपकी
श्रद्धांजलि का कार्यक्रम है। क्या आज वक्ताओं के पास
आपकी तारीफ में कहने के लिए कुछ खास है या लोग मन में क्या
सोचेंगे कि भीड़ की तरह आया और भीड़ की तरह चला गया, एक
ऐसा व्यक्ति जिसने जीवन में कुछ हासिल नहीं किया। एक व्यक्ति
जिसने खूब बहाने बनाए और दूसरों पर दोष मढ़े। क्या दुनिया के पास
वाकई सराहना करने के लिए कुछ है? क्या आपके करीबी लोग सालों
तक आपकी कमी महसूस कर पाएंगे? मृत्युके बाद का यह काम
आज ही कर लो तो जीने की वजह मिल जाएगी।
साथियों, आप दूसरों से सहानुभूति पाने के लिए यह कहते हैं कि
व्यापार में मेरे साथ ऐसा हुआ, माता-पिता ने मुझे मौका नहीं दिया,
मुझे परिवार का साथ नहीं मिला, मेरा शहर छोटा था, मुझे इंग्लिश
नहीं आती थी, मुझे पढ़ने का मौका नहीं मिला, मेरे दोस्त अच्छेनहीं
थे, मुझे सुविधाएं नहीं मिली, मुझे लोगों ने धोखा दे दिया। यह सब
बोलते-बोलते आप एक दिन खाक हो जाएंगे। कोई भी याद नहीं
करेगा आपको, आपका अपना घर भी आपको याद नहीं करेगा क्योंकि
आपने याद रखने लायक काम किया ही नहीं।
आज एकांत में बैठकर गंभीरता से सोचिए और लिखिए आप अपनी
श्रद्धांजलि म…